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Vijay Kumar Karnik Biography in Hindi

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कौन थे स्‍क्‍वाड्रन लीडर विजय कार्णिक जिनके आगे 100 बम बरसाने के बाद भी हार गया पाकिस्‍तान

3 दिसंबर 1971 को पाकिस्‍तान एयरफोर्स (पीएएफ) की तरफ से ऑपरेशन चंगेज खां लॉन्‍च किया गया था. भारत के साथ यह ऑपरेशन युद्ध की शुरुआत था. पीएएफ ने भारतीय वायुसेना की 11 एयरफील्‍ड्स को निशाना बनाया था.

Vijay Karnik Biography in Hindi: नमस्कार दोस्तों, आज हम अपने इस लेख के माध्यम से बात करने वाले हैं, भारत के एक ऐसे युवा के बारे में जोकि भारतीय वायु सेना के स्क्वाड्रन लीडर थे। वर्ष 2019 में विंग कमांडर अभिनंदन पाकिस्तान से वापस लौटे थे। उस समय पूरे भारत में काफी जोश था। ठीक इसी प्रकार के जोश भारतीय बॉलीवुड इंडस्ट्री में भी देखने को मिला था, विंग कमांडर अभिनंदन के जीवन पर अभिनंदन और बालाकोट नाम से फिल्मों को बनाने के लिए टाइटल रजिस्टर्ड करवाने की होड़ ही लग गई थी।

पिछले दिनों आप सभी ने एक फिल्‍म का ट्रेलर देखा ‘भुज’ और आप सभी ने ट्रेलर में अजय देवगन को देखकर तालियां भी बजाई होंगी. फिल्‍म में अजय देवगन ने स्‍क्‍वाड्रन लीडर विजय कुमार कार्णिक का रोल अदा किया है. स्‍क्‍वाड्रन लीडर कार्णिक ने सन 1971 की जंग में जो किया था, उसे सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे. इंडियन एयरफोर्स (आईएएफ) के बेस पर पड़ोसी मुल्‍क पाकिस्‍तान ने लगातार 14 दिनों तक बम बरसाए थे. उस ऑपरेशन को पाकिस्‍तान ने ऑपरेशन चंगेज खां नाम दिया था. जानिए क्‍या थी वो घटना और स्‍क्‍वाड्रन लीडर विजय कार्णिक ने क्‍या किया था.

विंग कमांडर अभिनंदन ने वाकई इतना सराहनीय कार्य किया है, जिसके लिए उन पर फिल्म तो अवश्य ही बननी चाहिए, परंतु आज हम अपने इस लेख में एक ऐसे वीर की बात करने वाले हैं, जिन्हें हमारा देश भूल ही चुका है। आज हम अपने इस लेख के माध्यम से बात करेंगे, भारतीय वायु सेना के स्क्वाड्रन लीडर विजय कार्णिक के बारे में। भारत के इस वीर विजय कार्णिक ने वर्ष 1971 ईस्वी में भारत और पाकिस्तान के युद्ध के दौरान भुज एयरबेस को जारी रखने की जिम्मेदारी उठाई थी।

स्क्वाड्रन लीडर विजय कार्णिक के विषय में संक्षिप्त जानकारी [Vijay Kumar Karnik Biography]

नाम विजय कार्णिक
उपनाम विजय
उपाधि स्क्वाड्रन लीडर विजय कार्णिक
जन्म 6 November 1939
पिता का नाम श्रीनिवास कार्णिक
माता का नाम ताराबाई कार्णिक
कार्यक्षेत्र भारतीय वायु सेना के लीडर
वर्तमान शहर नागपुर
प्रोफेशन रिटायर्ड इंडियन एयर फोर्स ऑफिसर
आर्मी ट्रेनिंग एनडीए, खड़कवासला, पुणे
सेवा वर्ष 26 मई 1962 से 14 अक्टूबर 1986 तक
ऑफिसर रैंक विंग कमांडर
नागरिकता भारतीय
जाति चंद्रसेनिया कायस्थ प्रभु
धर्म हिंदू
शौक गोल्फ खेलना, किताबें पढ़ना
किस लिए फेमस है 1971 भारत पाकिस्तान युद्ध
इनकम अज्ञात
कुल आय पता नहीं
राशि स्कार्पियो
चेस्ट 44 इंच
बाईसेप्स 14 इंच
आँखों का रंग काला
बालों का रंग काला एवं सफ़ेद

विजय कार्णिक कौन है? Who is Vijay Karnik?

विजय ने वर्ष 1971 में भारतीय वायु सेना के लिए विंग कमांडर के पोस्ट को भी सुशोभित किया है। विजय भारतीय वायु सेना के लीडर भी थे, इन्होंने भुज एयरवेज को जारी रखने की जिम्मेदारी को बखूबी निभाया। विजय वर्तमान समय में सेवानिवृत्त भारतीय वायु सेना के अधिकारी हैं। विजय को क्षतिग्रस्त भुज एयर बेस के निर्माण के लिए महिलाओं को एकत्रित करने के लिए पहचाने जाते हैं।

विजय कार्णिक का जन्म कब और कहां हुआ था? Birth Place And D.O.B. OF Vijay Karnik

विजय का जन्म वर्ष 1939 में 6 नवंबर को हुआ था। विजय का जन्म इस तिथि को नागपुर में हुआ था। विजय कार्निक अपने बचपन के समय से ही भारतीय सेना से जुड़ना चाहते थे, इसके लिए उन्होंने अपने प्रारंभिक जीवन में बहुत सी परेशानियों का सामना किया।

विजय कार्णिक का पारिवारिक संबंध Family Life and Wife

वर्तमान समय में विजय के माता-पिता के बारे में अब तक इंटरनेट पर किसी भी प्रकार की कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। विजय के माता पिता काफी अच्छे व्यक्ति थे, इन्हें इनके माता-पिता से काफी प्रेम प्राप्त हुआ है। यह अपने माता-पिता से बहुत प्यार करते थे।

विजय कुमार कार्णिक महाराष्ट्रीयन चंद्रसेनिया कायस्थ प्रभु (CKP) समुदाय से हैं। उनका जन्म श्रीनिवास कार्णिक (एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी) और ताराबाई कार्णिक के घर हुआ था। विजय कुमार कार्णिक के तीन भाई हैं जिनका नाम विनोद कार्णिक (मेजर जनरल), लक्ष्मण (विंग कमांडर), और अजय कार्णिक (एयरमार्शल) और एक बहन का नाम वसंती है। इन्होंने साल 1965 में 20 फरवरी को उषा कार्णिक (शहनाज हुसैन फ्रेंचाइजी की मालिक) से शादी की थी। इनकी एक बेटी शलाका कार्णिक (वीकैनडूइट एक थिएटर ग्रुप में निदेशक) और एक बेटा परेश कार्णिक (द टाइम्स ग्रुप में काम करता है) है।

विजय के तीन भाई भी हैं, जिनका नाम लक्ष्मण, विनोद और अजय है। विजय के दो भाई इंडियन आर्मी और विजय के एक भाई भारतीय वायु सेना में कार्यरत हैं। इन लोगों ने भारत मां की सेवा में ही अपने जीवन को बिता दिया।

विजय कार्णिक शिक्षा (Education)

विजय कुमार कार्णिक का जन्म महाराष्ट्र राज्य के नागपुर शहर में हुआ था। विजय कुमार कार्निक ने अपने स्कूल की पढ़ाई नागपुर शहर से की है और उन्होंने अपने कॉलेज की पढ़ाई वर्धा शहर में रहकर नागपुर यूनिवर्सिटी से की है। इन्होंने नागपुर यूनिवर्सिटी से बैचलर डिग्री इन साइंस हासिल की है।

विजय ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा नागपुर से ही प्राप्त किया था, इसके बाद उन्होंने अपनी स्नातक तक की शिक्षा को भी नागपुर के विश्वविद्यालय से प्राप्त किया। विजय ने अपनी स्नातक तक की शिक्षा पूरी करने के बाद भारतीय वायु सेना में शामिल हो गए हैं और अब तक भारतीय वायु सेना में कार्यरत हैं।

विजय कार्णिक का व्यक्तिगत जीवन Career

विजय कार्णिक को साल 1962 में 12 मई को इंडियन एयरफोर्स में शामिल किया गया था। विजय कार्णिक ने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान भुज में एक स्क्वाड्रन लीडर के रूप में काम किया। विजय कुमार कार्णिक ने साल 1962 में हुए भारत और चाइना युद्ध तथा भारत और पाकिस्तान के बीच साल 1965 में हुए युद्ध में सक्रिय रूप से भाग लिया था। विजय कुमार कार्णिक साल 1965 की युद्ध और विशेष तौर पर साल 1971 में हुए इंडिया और पाकिस्तान में युद्ध में दिए गए उनके योगदान के लिए जाने जाते हैं। साल 1967 में विजय कुमार को 6 स्क्वायरफीट में तैनात किया गया था।इसके बाद साल 1985 में 1 अक्टूबर को विजय कुमार कार्णिक को विंग कमांडर के पद पर प्रमोशन दिया गया था, तथा साल 1986 में 14 अक्टूबर के दिन विजय कुमार कार्णिक अपने पद से रिटायर हो गए थे।

भुज क्या है?

वर्ष 1971 ईस्वी को भारत और पाकिस्तान के मध्य एक युद्ध लड़ा गया था, जिसे बांग्लादेश मुक्ति युद्ध के नाम से जाना जाता है। इस युद्ध में भारतीय वायु सेना के भुज एयरवेस को संचालित करने का कार्य विजय कार्णिक ने खुद के ऊपर लिया। इसमें भारत के मित्रों वाहिनी बल और पाकिस्तान के बीच एक भयंकर युद्ध हुआ था।

यह युद्ध पूर्वी पाकिस्तान में हुआ था जो कि 3 दिसंबर 1971 ईस्वी को शुरू हुआ था और 16 दिसंबर 1971 को बंद हुआ। इस युद्ध की शुरुआत ऑपरेशन चंगेज खान के नाम से 11 भारतीय हवाई स्टेशनों के द्वारा हवाई हमले से की गई थी।

विजय कुमार कार्णिक भुज कनेक्शन

3 दिसंबर 1971 को बोला हमला

3 दिसंबर 1971 को पाकिस्‍तान एयरफोर्स (पीएएफ) की तरफ से ऑपरेशन चंगेज खां लॉन्‍च किया गया था. भारत के साथ यह ऑपरेशन युद्ध की शुरुआत था. पीएएफ ने भारतीय वायुसेना की 11 एयरफील्‍ड्स को निशाना बनाया था जिसमें कश्‍मीर में स्थित संस्‍थान भी शामिल था. पीएएफ ने अमृतसर, अंबाला, आगरा, अवंतिपोरा, बीकानेर, हलवारा, जोधपुर, जैसलमेर, पठानकोट, भुज, श्रीनगर और उत्‍तरलाई के अलावा अमृतसर स्थित एयर डिफेंस रडार्स और फरीदकोट में भी हमला किया था. उस समय तत्‍कालीन भारतीय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश के नाम अपने संबोधन में युद्ध की घोषणा कर दी थी.

एक के बाद एक बार हमला

कई जगहों पर हमले के साथ ही पाकिस्‍तान ने गुजरात के कच्‍छ में स्थित भुज के रुद्र माता एयरफोर्स बेस पर हमला बोला. पीएएफ ने इस एयरबेस पर 14 दिनों तक 35 बार हमला किया. हमले में उसने 92 बमों और 22 रॉकेट्स को दागा. 72 घंटे के अंदर 300 महिलाओं को इस एयरबेस को फिर से तैयार करने का जिम्‍मा सौंपा गया. पास के मधापुर गांव की इन महिलाओं ने इसे फिर से तैयार करा दिया. उस समय इस एयरबेस के कमांडर स्‍क्‍वाड्रन लीडर विजय कुमार कार्णिक थे.

स्‍क्‍वाड्रन लीडर कार्णिक असली हीरो

स्‍क्‍वाड्रन लीडर कार्णिक ने अपने दो ऑफिसर्स और 50 वायुसैनिक और डिफेंस सिक्योरिटी के 60 जवानों के साथ मिलकर पाकिस्‍तान की तरफ से बमबारी के बीच ही इस एयरबेस को फिर से ऑपरेशनल रखने का मिशन पूरा किया था. एयरफील्‍ड पूरी तरह से नष्‍ट हो चुकी थी लेकिन स्‍क्‍वाड्रन लीडर विजय कार्णिक के नेतृत्‍व में ये फिर से तैयार हो चुकी थी.

इसके बाद आईएएफ ने अपने मिशन को पूरा किया और दुश्‍मन को हावी नहीं होने दिया. एयरफील्‍ड ऑपरेशनल रहने की वजह से सेना के ऑफिसर्स और जवानों को लेकर आ रही फ्लाइट सुरक्षित तरीके से लैंड हो सकी थी. सरकार की तरफ से एयरबेस की मरम्मत करने वाली महिलाओं को 50,000 रुपए कैश के पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया था.

इस विषय पर वालबाई सेघानी ने बताया कि उस एयर बेस पर उनके साथ लगभग 300 महिलाएं थी, इन महिलाओं ने भारतीय वायु सेना की काफी मदद की। इन महिलाओं ने अपने घरों के काम धंधे छोड़ दिए और भारतीय वायु सेना के एयरबेस को तैयार करवाने में जुट गई।

यह महिलाएं तब तक उसी एयरबेस पर थी, जब तक कि भारतीय वायु सेना ने उड़ान भर ली। वालबाई सेघानी ने यह भी कहा कि अगर हम भारतीय सेना की मदद करते हुए शहीद भी हो जाते तो भी यह एक सम्मानजनक मौत होती।

भारतीय वायु सेना के द्वारा महिलाओं को सुरक्षित करने के लिए हल्के हरी साड़ी को पढ़ने के लिए कहा गया था ताकि किसी भी प्रकार का हमला होने की सूचना मिलने पर तुरंत जाकर झाड़ियों में छिप जाए और किसी को नजर ना आए।

महिलाओं को मिली झांसी की रानी की उपाधि

जब यह युद्ध समाप्त हो गया तो उसी दिन भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी भुज एयरबेस गई और एयर बेस की मरम्मत करवाने में लगी। महिलाओं को झांसी की रानी के नाम से संबोधित किया और प्रत्येक महिला को ₹50000 इनाम के रूप में कैश दिए गए।

विजय कार्णिक की मृत्यु (Death Date)

विजय कार्णिक की उम्र 82 साल है और वे अभी भी जिन्दा है.

विजय कार्णिक एवं फिल्म भुज : द प्राइड ऑफ़ इंडिया

विजय कार्णिक के जीवन पर वर्तमान समय में एक फिल्म बन रही है, जिसका नाम “BHUJ: The pride of India” रखा गया है। इस फिल्म में 1971 में घटित हुए भारत पाकिस्तान के युद्ध में भारतीय जवान और माधोपुर की महिलाओं को दर्शाया गया है। इस फिल्म में विजय कार्णिक के योगदान और माधोपुर की महिलाओं की वीरता के प्रदर्शन को दर्शाया गया है। इस फिल्म में विजय कार्णिक का किरदार बॉलीवुड इंडस्ट्री के जाने-माने अभिनेता अजय देवगन ने किया है।

इस फिल्म में आपको जानने को मिलेगा कि किस प्रकार से विजय कार्णिक और उनकी टीम ने मिलकर इस लड़ाई को लड़ा और स्थानीय ग्राम की लगभग 300 महिलाओं ने मिलकर किस प्रकार से मदद करके भारतीय वायु सेना के एयरबेस को कुछ घंटों में तैयार कर दिया और किस प्रकार से भारत में युद्ध को जीता, इन सभी घटनाओं को इस फिल्म में सराहनीय करार दिया गया है।

इसके अलावा अजय देवगन को अन्य फिल्मों (सिंघम, एलओसी कारगिल इत्यादि) में वर्दी अर्थात पुलिस के किरदार में देखा गया है जो कि इन पर काफी सूट भी करती है। इसके कारण अजय देवगन को “भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया” फिल्म के लिए भी चुना गया है, इस फिल्म में अजय देवगन विजय कार्णिक के किरदार में नजर आएंगे।

भुज फिल्म का ट्रेलर

भुज फिल्म का ट्रेलर 12 जुलाई साल 2021 में लॉन्च हो चुका है। आप इसे यूट्यूब पर जाकर देख सकते हैं।

अजय देवगन की फिल्म भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया का ट्रेलर अभी हाल ही में लांच किया गया है। इस फिल्म के ट्रेलर में अजय देवगन के किरदार को काफी सराहनीय माना जा रहा है। इस फिल्म के ट्रेलर को सोशल मीडिया पर काफी शेयर भी किया जा रहा है। भुज द प्राइड ऑफ इंडिया का ट्रेलर 12 जुलाई 2021 को लॉन्च हो चुका है और यह फिल्म बहुत जल्द ही देखने को भी मिलेगी।

भुज फिल्म रिलीज डेट

साल 2021 में 13 अगस्त को अजय देवगन के द्वारा अभिनीत फिल्म ‘भुज : द प्राइड ऑफ़ इंडिया’ डिजनी प्लस हॉटस्टार ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज़ होगी।

FAQ

Q : विजय कार्णिक कौन है?

Ans : वायुसेना के अध्यक्ष।

Q : भुज का युद्ध कब लड़ा गया था?

Ans : 8 दिसम्बर 1971

Q : विजय कार्णिक के जीवन पर बनी फिल्म का नाम क्या है?

Ans : भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया।

Q : भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया में लीड एक्टर कौन है?

Ans : अजय देवगन।

Q : भुज एयर बेस की मरम्मत करने वाली महिला को पुरस्कार के रूप में कितना पैसा दिया गया था?

Ans : ₹50000

Q : विजय कुमार कार्णिक की जाति क्या है ?

Ans : चंद्रसेनिया कायस्थ प्रभु

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