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OBC Bill 2021 क्या है? और इसका लाभ किसे मिलेगा | OBC Bill 2021 Kya Hai?

Hello दोस्तों Sandeepjakhar.com पर आपका स्वागत है, आज हम आपको OBC Bill Kya Hai यह बताने जा रहे है। और आप यह भी जानेगे कि OBC Bill Kya kya hota Hai, OBC Bill ka matlab, OBC Bill meaning in hindi, OBC Bill 2021. केंद्र सरकार 127वां संविंधान संशोधन बिल ला रही है और कानून बनने के बाद राज्य सरकारों को ओबीसी लिस्ट तैयार करने का पूरा अधिकार मिल जाएगा। इसका फायदा उन राज्यों की उन जातियों को होगा, जो कि ओबीसी की लिस्ट में शामिल होना चाहती है। 

लोकसभा में मंगलवार को 127वां संविधान संशोधन विधेयक पारित हो गया, जिसका मकसद ओबीसी आरक्षण में राज्यों को अधिकार देना है। इससे राज्यों को अपने यहां पिछड़े वर्ग की पहचान करना और स्वयं की सूची तैयार करने का अधिकार मिलेगा।

मंगलवार को विधेयक पर चर्चा और पारित करने के बाबत पेश करते समय मंत्री ने कहा कि विधेयक एतिहासिक है और इससे देश की 671 जातियों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे राज्यों को अपनी ओबीसी सूची तैयार करने की शक्ति दोबारा मिलेगी, जिससे सामाजित और आर्थिक न्याय संभव हो पाएगा।

OBC बिल 2021, क्या है, आरक्षण, संशोधन, लोकसभा, बिल पास, लिस्ट, लाभ, नुकसान, सुप्रीम कोर्ट फैसला (OBC Reservation Amendment Bill Passed), (127th Constitutional Amendment Bill, Kya hai, Loksbha, Details, Benefits, Side Effects, List, Status in Hindi)

हालही में आप न्यूज़ में OBC बिल के बारे में सुन रहे हैं, यह बिल ओबीसी सूची बनाने का अधिकार राज्य सरकार को देने को लेकर हैं. जिसे आज यानि 10 अगस्त को लोक सभा में पास करा दिया गया है. इसका फायदा सबसे ज्यादा राज्यों को मिलेगा. दरअसल साल 2018 तक ओबीसी आरक्षण पर केंद्र और राज्य सरकार दोनों के द्वारा ही OBC लिस्ट बनाई जाती थी, लेकिन 2018 में हुए विवाद के कारण और विरोधी दलों के दबाव के कारण यह बात सुप्रीम कोर्ट में चली गई थी।

5 मई 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर अपना फैसला सुनाया। परंतु कोर्ट के इस फैसले से केंद्र सरकार सहमत नहीं हुई. इसीलिए उन्होंने नया ओबीसी बिल बनाया है। यह बिल क्या है और इससे क्या – क्या बदलाव आएंगे, पूरी जानकारी आपको इस लेख में प्राप्त हो जाएगी।

OBC Bill Kya Hai in Hindi

आपको बता दें कई केंद्र की मोदी सरकार द्वारा ओबीसी आरक्षण की दिशा में एक बहुत ही बड़ा कदम उठा गया है। लोकसभा में संविधान संशोधन बिल के तहत OBC Reservation Amendment Bill पास किया गया है। यह बिल अपने आप में एक अनोखा बिल है। सरकार की तरफ से यह बताया गया कि इस बिल के आने के बाद राज्य सरकारों को ओबीसी लिस्ट तैयार करने का अधिकार मिल जाएगा और मराठा आरक्षण जैसे मसलों पर राज्य सरकारें स्वयं फैसला लेने के लिए स्वतंत्र होंगी। कांग्रेस समेत अन्य सभी विपक्षी दलों ने भी इस बिल का समर्थन किया है। साथ ही विपक्षी दलों ने आरक्षण की सीमा 50 फीसदी से बढ़ाने की मांग सदन में रखी है।

नियम के अनुरूप संविधान संशोधन विधेयक के रूप में इसे सदन के कुल सदस्यों की संख्या के बहुमत द्वारा या सभा में उपस्थित एवं मत देने वाले सदस्यों के कम से कम दो तिहाई बहुमत से पारित होना जरूरी था। निचले सदन में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ वीरेंद्र कुमार ने अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित ‘संविधान (127वां संशोधन) विधेयक, 2021’ पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि सदन में इस संविधान संशोधन के पक्ष में सभी दलों के सांसदों से मिला समर्थन स्वागत योग्य है।

ओबीसी बिल के माध्यम से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अधिकार देना है ताकि वे अपने स्तर पर सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्ग (SEBC) की लिस्ट तैयार कर सके। इस दिशा में देश के संघीय ढांचे को बनाए रखने के लिए धारा 342ए में संशोधन करना पड़ेगा। इसी के साथ संविधान की धारा 338बी और 366 में संवैधानिक बदलाव करने की जरूरत होगी। साल 2018 के 102वें संविधान संशोधन कानून में धारा 338बी को जोड़ा गया है। संविधान (127वां संशोधन) बिल, 2021 को ओबीसी विधेयक भी कहा जाता है।

यह मामला बाद में supreme court में गया था और कोर्ट के फैसले के मुताबिक 102वें संविधान संशोधन के बाद से राज्यों के पास सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्ग को चिन्हित करने का अधिकार नहीं है। वे अपने स्तर पर ओबीसी की लिस्ट भी नहीं बना सकते है, सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर केंद्र सरकार ने एक समीक्षा याचिका दायर की थी जिसे की सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। फिर इसके बाद 4 अगस्त को केंद्रीय कैबिनेट ने एक संविधान संशोधन बिल को मंजूरी दी, जो कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपनी-अपनी ओबीसी लिस्ट बनाने की शक्ति देने का प्रावधान रखता है। 

1993 से केंद्रीय सरकार और राज्य सरकार दोनों मिलकर ओबीसी लिस्ट बनाया करते थे, लेकिन 2018 में हुए संविधान में संशोधन के कारण यह कार्य सही से नहीं हो पा रहा था। इसीलिए केंद्रीय सरकार ने पुरानी व्यवस्था को एक बार फिर से लागू करने के लिए इस बिल को पास किया है, ताकि 2018 में संविधान में हुए बदलाव को फिर से एक बार ठीक किया जा सके। इस बिल को पास करने के पीछे सरकार का बस यही कहना है कि इसके बाद फिर से एक बार पुरानी व्यवस्था लागू हो जाएगी। इस बिल के अंतर्गत आर्टिकल 342A और 338B व 366 में भी बदलाव होंगे।

OBC Bill Ke फायदे (Benefits)

इस बिल के लागू होते ही राज्य सरकारें अपने राज्य के हिसाब से अलग-अलग जातियों को OBC कोटे में आसानी से डाल सकेंगी। इससे हरियाणा में जाट, राजस्थान में गुर्जर, महाराष्ट्र में मराठा, गुजरात में पटेल, कर्नाटक में लिंगायत के लिए आरक्षण का रास्ता साफ हो जाएगा। ये सभी जातियां लंबे समय से आरक्षण की मांग कर रही थी।

बिल पास होने से राज्यों को नई जातियों को OBC में शामिल करने का अधिकार मिल जाएगा। लेकिन आरक्षण की सीमा अभी भी 50% ही है। इंदिरा साहनी केस के फैसले के मुताबिक अगर कोई 50% की सीमा के बाहर जाकर आरक्षण देता है तो सुप्रीम कोर्ट उस पर रोक लगा सकता है। इसी वजह से कई राज्य इस सीमा को खत्म करने की मांग कर रहे हैं।

इस OBC बिल का सबसे ज्यादा लाभ उन समुदाय को मिलेगा, जो अन्य पिछड़ा वर्ग से सम्बंधित है। इसमें मुख्य रूप से मराठा और जाट समुदाय के लोगों को आरक्षण का ज्यादा फायदा मिलेगा। यह विधेयक ओबीसी के हितों को पूरा करने वाला है और इससे प्रत्येक राज्य अपने यहाँ ओबीसी जातियों के संदर्भ में निर्णय ले सकेंगे।

इससे पहले भी OBC Bill का 102वें संशोधन के समय किसी संशोधन का प्रस्ताव नहीं दिया था और ऐसे में कई समुदाय को लाभ इसका सही से लाभ नहीं मिल पाया था। परन्तु अब मराठा आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र सरकार को सशक्त बनाया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्तमान विधेयक से राज्य पिछड़ा वर्ग आयोगों को मजबूती मिलेगी और संघीय ढांचा भी मजबूत होगा। इस विधेयक के साथ महाराष्ट्र और दूसरे राज्यों में ओबीसी समुदाय को फायदा मिलेगा।

OBC Bill Ke नुकसान (Side Effects)

विधेयक ऐसे समय में पारित हुआ, जब विपक्ष के हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही को बार-बार स्थगित करना पड़ा। वहीं विपक्ष ने सरकार के इस विधेयक का समर्थन किया। इस बार के मानसून सत्र में यह पहला मौका रहा जब लोकसभा में व्यवस्थित ढंग से चर्चा हो पाई।

वैसे तो इस बिल के जारी किए जाने के बाद किसी तरह की अतिशयोक्ति नहीं दिखाई जा रही है लेकिन कुछ विपक्ष पार्टी और सुप्रीम कोर्ट को अभी इससे परेशानी हो सकती है। क्योंकि राज्य सरकार को इस बिल से फायदा हो रहा है इसलिए वे इस बारे में अपना कोई भी मत नहीं रख रहे हैं।

OBC Bill संशोधन विधेयक 2021 PDF

  1. लोकसभा ने मतविभाजन के जरिये ‘संविधान (127वां संशोधन) विधेयक, 2021’ को मंजूरी दे दी गयी।
  2. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि जहां तक 50 प्रतिशत आरक्षण की सीमा बढ़ाने की बात की है, सरकार इस भावना को समझती है। कई सदस्यों ने आरक्षण की 50 प्रतिशत की सीमा को बढ़ाने की मांग की है, जिसे कई दशक पहले तय किया गया था।
  3. इस बिल को लेकर कई विपक्षी दलों जैसे कांग्रेस, द्रमुक, समाजवादी पार्टी, शिवसेना सहित कुछ अन्य दलों के सदस्यों ने आरक्षण की 50 प्रतिशत की सीमा को हटाने पर विचार करने की सरकार से मांग की।
  4. साथ ही कई विपक्षी सदस्यों ने जाति आधारित जनगणना कराने की भी मांग की भी की है।
  5. यह विधेयक यह स्पष्ट करने के लिये है कि राज्य सरकार और संघ राज्य क्षेत्र को सामाजिक और शैक्षणिक दृष्टि से पिछड़े वर्गो की स्वयं की राज्य सूची/ संघ राज्य क्षेत्र सूची तैयार करने और उसे बनाये रखने को सशक्त बनाता है.
  6. इसमें कहा गया है कि देश की संघीय संरचना को बनाए रखने के दृष्टिकोण से संविधान के अनुच्छेद 342क का संशोधन करने और अनुच्छेद 338ख एवं अनुच्छेद 366 में संशोधन करने की आवश्यकता है। यह विधेयक उपरोक्त उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है।

Other Details of OBC Bill 2021 List

गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने 5 मई के बहुमत आधारित फैसले की समीक्षा करने की केंद्र की याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें यह कहा गया था कि 102वां संविधान संशोधन (OBC Reservation Amendment Bill) नौकरियों एवं दाखिले में सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े (एसईबीसी) को आरक्षण देने के राज्य के अधिकार को ले लेता है। वर्ष 2018 के 102वें संविधान संशोधन अधिनियम में अनुच्छेद 338 बी जोड़ा गया था, जो राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के ढांचे, कर्तव्यों और शक्तियों से संबंधित है। जबकि 342 ए किसी विशिष्ट जाति को ओबीसी अधिसूचित करने और सूची में बदलाव करने के संसद के अधिकारों से संबंधित है।

Conclusion

हां तो दोस्तों आज कि पोस्ट OBC Bill Kya Hai यह आप जान गये होंगे और इसके फायदे क्या है यह भी जान गये होंगे। केंद्र सरकार 127वां संविंधान संशोधन बिल ला रही है और कानून बनने के बाद राज्य सरकारों को ओबीसी लिस्ट तैयार करने का पूरा अधिकार मिल जाएगा। आशा है कि आपको यह पोस्ट पसंद आई होगी और अपने दोस्तों के साथ भी जरुर शेयर करे ताकि वह भी जान सके OBC Bill Kya Hai. और हमारी वेबसाइट sandeepjakhar.com को जरुर subscribe करे।

FAQ

Q : OBC Bill 2021 Kya Hai ?

Ans : राज्य सरकारों को अपने राज्य की ओबीसी सूची तैयार करने का अधिकार देना.

Q : OBC बिल में संविधान के किस कानून में सुधार किया गया है ?

Ans : इस बिल के पास होने से संविधान 102 वे कानून में सुधार किया गया है।

Q : OBC बिल को किसने पास किया है ?

Ans : इस बिल को केंद्रीय सरकार ने पास किया है।

Q : ओबीसी बिल में संविधान के किन आर्टिकल्स पर संशोधन किया जा रहा है ?

Ans : इस बिल के पास हो जाने से संविधान के 342A, 338B और 366 आर्टिकल पर संशोधन किया जाएगा।

Q : संसद में कितने ओबीसी सांसद हैं ?

Ans : लगभग 39 %

Q : ओबीसी को कितना आरक्षण प्रदान किया गया है ?

Ans : 50%

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