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Dausa Me Ghumne ki Jagah | दौसा में घूमने की जगह

Dausa In Hindi, दोस्तों इस Article में जानेंगे राजस्थान के Dausa District, Dausa me Ghumne ki Jagah के बारे में, और साथ ही जानेंगे प्रमुख पर्यटन स्थलों के बारे में और वहां तक कैसे पहुंचे और दौसा में घूमने का उचित समय आदि के बारे में-

दौसा पर्यटन हिंदी में, दौसा भारतीय राजधानी दिल्ली से 250 किलोमीटर दूर एक छोटा सा शहर है। राजस्थान में सबसे बड़ा क्षेत्रीय और पर्यटन स्थल। राजस्थान में अलवर और भरतपुर जैसे प्रसिद्ध क्षेत्रों के पास स्थित, दौसा शहर अपने कई पर्यटक आकर्षणों के लिए जाना जाता है। राजस्थान को कम समय में सुनना है तो एक बार दौसा जाना होगा।

दौसा में जाकर आप महलों को देख सकते हैं। और इसी के अनुरूप आप यहां ऊंट की सवारी का मजा भी ले सकते हैं। दौसा राजस्थान का एक ऐसा शहर है, जो अपने विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों के लिए जाना जाता है। राजस्थान में दौसा शहर भरतपुर और अलवर जैसे प्रसिद्ध शहरों के पास अपने पर्यटक आकर्षणों के लिए जाना जाता है।

इस लेख में हमने दौसा के पर्यटन स्थलों की एक सूची तैयार की है, जहां घूम कर आप अपनी दौसा यात्रा का पूरा मजा ले सकते हैं। अगर आप दौसा की यात्रा करने जा रहें हैं तो हमारे इस लेख को जरुर पढ़ें जिसमे हम आपको दौसा जाने के बारे में पूरी जानकारी देने जा रहें हैं-

दौसा का इतिहास – Dausa History In Hindi

दौसा एक ऐतिहासिक शहर और राजस्थान का लोकसभा जिला है। यह जयपुर से 54 किलोमीटर की दूरी पर राष्ट्रीय राजमार्ग 21 पर स्थित है। दौसा लंबे समय तक बडगुज्जरों के शासन में रहा। दौसा महल भी गुर्जरों द्वारा बनाया गया था। आभानेरी में मिली चांदबावड़ी का निर्माण भी उन्हीं की देन है। दौसा से दुल्हेराय तक लोबोला प्राप्त किया।

10 अप्रैल 1991 को सिकराय बसवा लालसोत से जयपुर की तारा तहसीलों में दौसा दर्ज किया गया, जिसके बाद 15 अगस्त 1992 को सवाई माधोपुर की महुआ तहसील को भी दौसा क्षेत्र में जोड़ा गया। दौसा राजस्थान का एक ऐसा शहर है, जो अपने विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों के लिए जाना जाता है।

दौसा ने अपना नाम देवगिरि में पास की एक पहाड़ी पर पाया। दौसा कछवाहा राजपूतों की पहली राजधानी थी। इसके बाद ही उन्होंने अंबर बनाया और बाद में जयपुर को अपना मुख्यालय बना लिया। १५६२ में, जब अकबर क्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के ज़ियारत की यात्रा की, तो वह दौसा में बस गया। दौसा में कई ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल हैं, जो यहां के प्राचीन साम्राज्य की याद दिलाते हैं। जो दौसा से 10 किमी दूर है

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दौसा में घूमने की जगह- Places to visit in Dausa

दौसा राजस्थान का एक प्रमुख पर्यटन और ऐतिहासिक स्थल है। अगर आप दौसा घूमने की योजना बना रहें हैं और इसके पास स्थित पर्यटन स्थलों की सैर करना चाहते हैं तो नीचे हम दौसा के पर्यटन स्थलों की जानकारी दे रहे हैं, जहां आपको अपनी यात्रा के दौरान जरुर जाना चाहिए।

  1. Chand Bawri – चाँद बावरी
  2. Harshat Mata Temple – हर्षत माता मंदिर
  3. Madhogad Fort – माधोगढ़ किला
  4. Mehndipur Balaji Temple – मेहंदीपुर बालाजी मंदिर 
  5. Bhandarej – भंडारेज
  6. Jhajhi Rampura – झाझीरामपुरा
  7. Lotwara – लोटवारा
  8. Bandukui- बांदीकुई

दौसा में घूमने की जगह- Dausa me Ghumne ki jagah

1. Chand Bawri – चाँद बावरी

यह एशिया महाद्वीप में सबसे पुराना स्टेप वेल्स है। वास्तुशिल्प प्रेमियों को तो इस जगह पर यात्रा करने के लिए जरुर जाना चाहिए। लगभग 1900 वर्ष पहले चौहान राजवंश के राजाओं ने इस चाँद बावरी को बनवाया था। बावरी में एक जैसी कई सारी सीढ़ियां बनी हुई हैं।

 चाँद बावरी एक ऐसा कुआ है जो यहां आने वाले पर्यटकों को अपनी तरफ बेहद आकर्षित करता है। अगर आप एक वास्तुशिल्प प्रेमी हैं तो आपको इस जगह की यात्रा करने के लिए जरुर जाना चाहिए। चाँद बावरी में एक सामान कई सारी सीढ़ियां बनी हैं जो यहां आने वाले पर्यटकों को भ्रमित कर देती हैं।

2. Harshat Mata Temple – हर्षत माता मंदिर

यह मंदिर स्थानीय देवी हर्षत को समर्पित है। यह मंदिर भक्तों को अपनी तरफ बहुत आकर्षित करता है। यह मंदिर स्टेप वेल्स के बगल में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर हैं। इस मंदिर को देखकर कोई भी इस मंदिर के पुराने समय में मंदिर की महिमा का अंदाजा लगा सकता है।

दौसा से 33 कि.मी. दूर, चाँद बावड़ी परिसर में ही स्थित, यह मंदिर हर्षद माता को समर्पित है। हर्षद माता अर्थात उल्लास की देवी। ऐसी मान्यता है कि देवी हमेशा हँसमुख प्रतीत होती है और भक्तों को खुश रहने का आशीर्वाद प्रदान करती है। देवी के मंदिर की स्थापत्य कला शानदार है।

हर्षत माता मंदिर स्टेप वेल्स के बगल में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर हैं जो पर्यटकों और भक्तों को अपनी तरफ बेहद आकर्षित करता है। आपको बता दें कि यह मंदिर स्थानीय देवी हर्षत को समर्पित है। आपको बता दें कि पुराने समय में इस मंदिर ने का प्रकोपों का सामना किया है। इस मंदिर को इस्लामिक शासकों द्वारा नष्ट कर दिया गया था। अब यहां पर सिर्फ खंडर ही बचें हुए हैं। यहाँ पर आप एक भव्य खुले आंगन में स्तंभों और दीवारों पर नक्काशी के साथ अदभुद मूर्तियों को देख सकते हैं।

इस मंदिर की वर्तमान सुंदरता देख कर कोई भी पुराने समय में मंदिर की महिमा का अंदाजा लगा सकता है। आपको बता दें कि यह मंदिर यहां आने वाले पर्यटकों को बिलकुल निराश नहीं करता। मंदिर और इसके आसपास की प्राकृतिक सुंदरता देखकर कोई भी मंत्रमुग्ध हो सकता है। अगर आप दौसा की यात्रा करने के लिए जा रहें हैं तो आपको हर्षत माता मंदिर के दर्शन करने के लिए अवश्य जाना चाहिए।

3. Madhogad Fort – माधोगढ़ किला

यह किला एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। जो कि सुंदर फूलों के खेतों की पृष्ठभूमि पर स्थित है। जो इस किले को बहुत ही सुंदर और आकर्षक किला बना देता हैं। जयपुर के राजा- माधव सिंह ने इस किले को बनवाया था। दौसा के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है दौसा। इन सब के अलावा इस किले की छतें भी बहुत ही आकर्षक हैं।

आपको बता दें कि इस प्राचीन किले को अब एक शाही होटल में बदल दिया गया है। यह होटल यहां आने वाले पर्यटकों को एक सुंदर आवास प्रदान करता है। यह किला अपने अपने भव्य केंद्रीय प्रांगण के साथ एक प्रमुख आकर्षण है।

इसके अलावा इस किले की छतें भी बहुत ही आकर्षक नज़र आती हैं और सभी का ध्यान अपनी तरफ खींचती हैं। माधोगढ़ किला का एक ऐसा स्थल है जहां की यात्रा आप अपने दोस्तों और अपने परिवार के लोगों के साथ कर सकते हैं और यहां शाम को एक शानदार चाय का मजा ले सकते हैं

4. Mehndipur Balaji Temple – मेहंदीपुर बालाजी मंदिर 

यह मंदिर हनुमान जी को समर्पित है। हनुमान जी को बालाजी के रूप में भी जाना जाता है, और हनुमान जी के मंदिर के सामने ही श्री राम भगवान को समर्पित एक मंदिर भी स्थित है जिसमें भगवान श्री राम और सीता मां की एक सुंदर मूर्ति भी स्थापित है। इस मंदिर में भक्त भैरव बाबा को चावल और उड़द की दाल का प्रसाद चढ़ाते हैं और बालाजी को बूंदी के लड्डू का भोग लगाते हैं, और साथ ही बुरी आत्माओं से मुक्ति पाने के लिए बालाजी भगवान उनकी मदद करते हैं। शनिवार और मंगलवार को मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहता हैं क्योंकि यह दिन भगवान बालाजी के सबसे खास दिन होते हैं।

5. Bhandarej – भंडारेज

महाभारत काल के समय भद्रमती को भंडारेज के नाम से जाना जाता था। भंडारेज दौसा से लगभग 10 किमी की दूरी पर है। यह एक ऐसा क्षेत्र है कि इतिहास प्रेमियों के लिए स्वर्ग के बराबर है। भंडारेज भद्रावती पैलेस और बाउरी ये दोनों ही यहां के लोकप्रिय स्थानों में से एक है। यहां पर खुदाई में मिली सजावटी जाली का काम जालियाँ, दीवारें, टेराकोटा के बर्तन और मूर्तियां आदि इस जगह की प्राचीनता का पता चलता है।

भंडारेज बाउरी और भद्रावती पैलेस यहां के लोकप्रिय स्थल है। एक क्षेत्र इतिहास प्रेमियों के स्वर्ग के समान है। यहां का इतिहास आपको 11 वीं शताब्दी में ले जायेगा। अगर आप दौसा की यात्रा करने जा रहें हैं। तो भंडारेज को अपनी सूचि में जरुर शामिल करें।

6. Jhajhi Rampura – झाझीरामपुरा

झझिरमपुरा दौसा का एक मुख्य पर्यटन स्थान है जो प्राकृतिक पानी की टंकी के साथ-साथ बालाजी (हनुमान जी), रुद्र (शिव) और अन्य देवी-देवताओं के मंदिरों के लिए भी बहुत लोकप्रिय है। इस स्थान में पर्यटक आए कर बेहुत ही हल्का महसूस करता है। झझिरमपुरा जिला मुख्यालय से लगभग 45 किमी दूर बसवा (बांदीकुई) की ओर स्थित है।

पहाड़ियों और जल संसाधनों से घिरे इस स्थान पर आने के बाद कोई भी पर्यटक बेहद हल्का महसूस करता है। अगर आप अपनी दौसा यात्रा के दौरान किसी प्राकृतिक और आध्यात्मिक जगह की यात्रा करना चाहते हैं तो आपको एक झझिरमपुरा को अपनी सूची में अवश्य शामिल करना चाहिए।

7. Lotwara – लोटवारा

लोटवारा गढ़ इस गांव का प्रमुख आकर्षण है। आभानेरी से सिर्फ 11 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस गांव की यात्रा पर्यटक गाँव तक सड़क मार्ग द्वारा कर सकते हैं। लोटवारा गाँव जयपुर से 110 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस गांव का प्रमुख आकर्षण लोटवारा गढ़ है।

8. Bandukui- बांदीकुई

बांदीकुई, दौसा से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित प्रोटेस्टेंट ईसाइयों के लिए रोमन शैली चर्च एक लोकप्रिय आकर्षण है।

दौसा घुमने जाने का सबसे अच्छा समय – Best Time To Visit Dausa Tourism

दौसा घुमने जाने का सबसे अच्छा समय

दौसा की यात्रा साल में कभी भी की जा सकती है लेकिन यहां गर्मियों के मौसम में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस पहुँच जाता है। अगर आप एक सुखद यात्रा का अनुभव लेना चाहते हैं तो आपको सर्दियों के मौसम में दौसा की यात्रा करना चाहिए क्योंकि सर्दियों का मौसम शहर की यात्रा करने के लिए अच्छा है। इस मौसम में यहां का औसत तापमान तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहता है और रात के समय 9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। दौसा की यात्रा करने के लिए सबसे अच्छे महीने अक्टूबर से मार्च तक के होंगे।

दौसा की यात्रा के लिए ट्रैवल टिप्स – Travel Tips For Dausa Trip

दौसा की यात्रा के लिए ट्रैवल टिप्स
  • दौसा की यात्रा के दौरान आपको शेखावाटी क्षेत्र दौसा के पास श्री मेहंदीपुर बालाजी मंदिर की यात्रा जरुर करना चाहिए। यह मंदिर भगवान हनुमान मंदिर के साथ-साथ आगरा रोड (60 किलोमीटर) स्थित है और दौसा का एक प्रमुख तीर्थ स्थल भी है।
  • कालाखो, माधोगढ़ आगरा रोडवे पर जयपुर से लगभग (40 किलोमीटर) की दूरी पर स्थित है। जो असामान्य और अनुभवात्मक अवशेषों के लिए प्रसिद्ध है। आपको दौसा यात्रा के दौरान यहां अवश्य जाना चाहिए।
  • गर्मी का मौसम दौसा में छुट्टी के लिए जाने के लिए अच्छा समय नहीं माना जाता। क्योंकि यहां स्थित पर्यटन स्थल काफी दूर हैं। ज्यादा गर्मी पड़ने की वजह से पर्यटक बाहरी गतिविधियों और दर्शनीय स्थलों की सैर करना मुश्किल हो जाता है।
  • अगर आप अगर गर्मियों के दौरान दौसा की यात्रा की योजना बना रहे हैं तो सूती कपड़े, सनस्क्रीन, धूप से बचने के लिए चस्मा लेकर जाएँ और ज्यादा मात्र में पानी पियें।
  • गर्मी के मौसम की तुलना में मानसून का मौसम दौसा की यात्रा करने के लिए लेकिन इस दौरान नमी काफी ज्यादा होती है इसलिए अपने साथ छाता ले जाना न भूलें।

दौसा कैसे जाये – How To Reach Dausa Rajasthan

दौसा राजस्थान राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। जो जयपुर से 99 किमी दूर है। दौसा के लिए आप सड़क, हवाई और रेल मार्ग द्वारा यात्रा कर सकते हैं जिसकी पूरी जानकारी नीचे दी गई है। अगर आप दौसा जाने के लिए परिवहन के अलग- अलग माध्यमों के बारे में जानना चाहते हैं। तो नीचे दी गई जानकारी को पढ़ें।

फ्लाइट से दौसा कैसे पहुंचें – How To Reach Dausa By Flight

हवाई जहाज से दौसा कैसे पहुंचें

जो भी पर्यटक दौसा की यात्रा हवाई मार्ग द्वारा करना चाहते हैं। उनके लिए बता दें कि दौसा का निकटतम हवाई अड्डा जयपुर हवाई अड्डा है जो दिल्ली और आगरा हवाई अड्डे से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। जयपुर हवाई अड्डे से दौसा तक जाने के लिए आपको कार या बस द्वारा यात्रा करनी होगी।

दौसा रेल द्वारा कैसे पहुंचें – How To Reach Dausa By Train

दौसा रेल द्वारा कैसे पहुंचें

अगर आप दौसा की यात्रा रेल द्वारा करना चाहते हैं तो बता दें कि इसका निकटतम रेलवे स्टेशन जयपुर है। जयपुर देश के सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। आप बस या टैक्सी की मदद से रेलवे से दौसा पहुंच सकते हैं।

सड़क मार्ग से दौसा केसे पहुचें – How To Reach Dausa By Road

कैसे पहुंचें दौसा सड़क मार्ग से

अगर आप सड़क मार्ग द्वारा दौसा की यात्रा करने की योजना बना रहें हैं। तो बता दें कि यह जयपुर, आगरा और दिल्ली से सड़क मार्ग द्वारा अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। मंदिर के लिए नियमित बस सेवा उपलब्ध है, जो इसे रेलवे स्टेशनों से जोड़ती है। अलवर – महवा या मथुरा – भरतपुर-महवा राजमार्ग से आप कार से दौसा तक पहुंच सकते हैं।

इस आर्टिकल में आपने दौसा के प्रमुख पर्यटक स्थलों को जाना है आपको हमारा ये आर्टिकल केसा लगा हमे कमेंट्स में जरूर बतायें।

इसी तरह की अन्य जानकारी हिन्दी में पढ़ने के लिए आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं।

दौसा का नक्शा – Dausa Map


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